अल्लाह ही अल्लाह किया करो दुख ना किसी को दिया करो जो दुनिया का मालिक है नाम उसही का लिया करो अल्लाह ही अल्लाह अल्लाह ही अल्लाह ( अल्लाह ही अल्लाह किया करो दुख ना किसी को दिया करो ) – २ जो दुनिया का मालिक है नाम उसही का लिया करो अल्लाह ही अल्लाह – ३ ( अब चेहरे पे झूठ सजाके मिटती है सचाई ) – २ झूठे को दुनिया में हमेशा मिलती है रुसवाई अब चेहरे पे झूठ सजाके मिटती है सच्चाई झूठे को दुनिया में हमेशा मिलती है रुसवाई ( सच की राह पे चला करो दुख ना किसी को दिया करो ) – २ जो दुनिया का मालिक है नाम उसही का लिया करो ( अल्लाह ही अल्लाह किया करो दुख ना किसी को दिया करो ) – २ जो दुनिया का मालिक है नाम उसही का लिया करो अल्लाह ही अल्लाह – ३ ( शीशा टूट के जुड़ सकता है दिल न जुड़े अगर टूटे ) -२ कितना है बेदर्द वोह इन्सां प्यार का घर जो लूटे शीशा टूट के जुड़ सकता है दिल न जुड़े अगर टूटे कितना है बेदर्द वोह इन्सां प्यार का घर जो लूटे ( ऐसा ज़ुल्म न किया करो दुख ना किसी को दिया करो ) -२ जो दुनिया का मालिक है नाम उसही का लिया करो ( अल्लाह ही अल्लाह किया करो दुख ना किसी को दिया करो ) – २ जो दुनिया का मालिक है नाम उसही का लिया करो अल्लाह ही अल्लाह – ६